धार~अस्पताल में पीएम करवाने के पहले ही परिजनों का हंगामा~~
ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप~~
कार्यवाही के लिए सौंपा आवेदन~~
धार~( डॉ. अशोक शास्त्री )
धार। धार जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने पीएम करवाने से मना कर दिया व परिसर में हंगामा करने लगे। परिजनों का आरोप था कि डयूटी पर पदस्थ कर्मचारियों की लापरवाही के चलते ही युवक की मौत हुई हैं, अगर समय रहते युवक को उपचार मिलता तो उसकी मौत नहीं होती। सुबह करीब सवा दो घंटे तक परिजन हंगामा करते रहे, इसके बाद एक कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही को लेकर एक आवेदन भी प्रभारी सिविल सर्जन को सौंपा गया। साथ ही पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद परिजन शव का पीएम करवाने के लिए तैयार हुए तथा पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इधर इस मामले में पुलिस ने पंचनामा बनाने के साथ ही मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी गई है। सूचना पर धरमपुरी पुलिस अधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए थे।
दरअसल इंदौर निवासी प्रकाश पिता गुना निहाले मनावर के पास ग्राम लुन्हैरा अपने ससुराल आया था, जहां से पुन घर लौटने के लिए बस में बैठकर जा रहा था। युवक प्रकाश ने रास्ते में कही पर शराब पी व बस चालक से अभद्र व्यवहार करने लगा, जिसके बाद बस चालक ने युवक को धरमपुरी पुलिस के हवाले कर दिया, शराब का नशा होने के कारण लंबी समझाईश के बाद युवक ने अपने ससुराल वालों का नंबर दिया था। धरमपुरी पुलिस ने युवक के ससुराल फोन कर जानकारी दी, ऐसे में परिजनों ने पुन बस में बैठाकर भेजने के लिए जवान को कहा था। इसी दौरान बस से जाते समय युवक चलती बस से कूदने के कारण ही प्रकाश को चोट आई थी।
रैफर होकर आया था मृतक
साहिल कुमार ने बताया कि प्रकाश को चोट आने के कारण 22 नवंबर को धरमपुरी से धार जिला अस्पताल के लिए रैफर किया गया था। 23 नवंबर को रात के समय भर्ती करने के बावजूद जिला अस्पताल में मरीज प्रकाश को कोई उपचार नहीं दिया गया। साथ ही प्रकाश को पलंग देने के बजाय उसे जमीन पर ही पडे रहने दिया था, इधर युवक की तलाश करते हुए परिजन ही धार पहुंचे थे। इसी बीच कल देर रात में युवक ने दमतोड दिया। परिजनों ने भर्ती रहने के दौरान डयूटी पर पदस्थ डॉक्टर सहित कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर एक आवेदन सौंपा है। प्रभारी सिविल सर्जन डॉ मुकुंद बर्मन ने बताया कि दो दिन पहले अस्पताल रैफर होकर आया था, सिर में चोट होने के कारण सर्जिकल आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरु किया गया था। भर्ती के दौरान मरीज के साथ कोई परिजन नहीं थे, अब परिजनों ने एक आवेदन सौंपा है।
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