सिलावद~ मशीन ले जाने से ठेकेदार को रोका, महिला-पुरुषों ने किया हंगामा~~
मुख्य मार्ग न बनने से ग्रामीणों में रोष, बड़े आंदोलन की तैयारी~~
रोड की आधी-अधूरी खुदाई से बड़ी परेशानी~~
जयेश सोनी, सिलावद~~
बदहाली पर आंसू बहा रहे नगर के मुख्य मार्ग के निर्माण की बांट जोह रहे लोगों के सब्र का बांध फूटने लगा है। संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से मान-मनोव्वल के बाद भी लंबे समय से रोड का काम ठप पड़ा है। ऐसे में अब ग्रामीण बड़े आंदोलन की तैयारी में है। रोड का काम न होने से नाराज महिला-पुरुषों का गुस्सा शनिवार को ठेकेदार पर फूट पड़ा। दरअसल रोड का ठेका लेने वाली कंपनी द्वारा रोड की थोड़ी-बहुत खुदाई कर काम बंद कर दिया गया है। वहीं शनिवार शाम को ठेकेदार प्लांट से मशीनें ले जाने लगा। इसकी जानकारी मिलते ही कई महिला-पुरुष प्लांट पर पहुंच गए और ठेकेदार को मशीनें ले जाने से रोक दिया। इस दौरान यहां जमकर हंगामा भी हुआ। सूचना मिलते ही थाने से एएसआई सुरेश चौहान, एएसआई आशिक खान, आरक्षक कमल ब्राम्हणे, रतन मेहता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जैसे-तैसे कर पुलिस ने गुस्साए लोगों को शांत किया। आखिर में ठेकेदार को मशीनें यहीं छोड़कर जाना पड़ा। लोगों की मांग है कि रोड की मंजूरी मिलने के साथ ठेका हो गया है और कई घरों के ओटले तोड़कर खुदाई कर दी है तो फिर रोड भी बनना चाहिए। उल्लेखनीय है कि रोड की इस समस्या को लेकर नगर की महिलाओं ने एक पखवाड़े पूर्व कलेक्टर अमित तोमर के सिलावद दौरे के दौरान उन्हें रास्ते में रोककर रोड का काम शुरू करने की मांग की थी, जिस पर कलेक्टर ने जल्द कार्य प्रारंभ कराने का आश्वासन दिया था। नगरवासी वर्षा भावसार, निर्मला सोनी, साधना भावसार, लक्ष्मी भावसार, सुधा भावसार, आशा पिछोड़े, सुमन पिछोड़े, संध्या चौहान, रजनी भावसार, रुचि भावसार, प्रीति भावसार, उमेश भावसार, सोनू गुप्ता, तेजमल भावसार, सलीम मंसूरी, परवेज मंसूरी, नरेंद्र राठौड़, सोहन राठौड़, संजीव राठौड़, संतोष राठौड़, मनोज राठौड़, अखिलेश यादव आदि ने शीघ्र रोड निर्माण की मांग की है।
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कलेक्टर के आश्वासन पर 2 दिन काम हुआ और फिर हो गया बंद
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नगर के मुख्य मार्ग की मंजूरी मिलने के एक साल, भूमिपूजन हो जाने के 6 महीने व वर्क आर्डर होने के 5 महीनों बाद भी जब रोड नहीं बना तो नगर की महिलाओं ने इस समस्या को लेकर कलेक्टर अमित तोमर को 28 दिसंबर को सिलावद प्रवास के दौरान आवेदन दिया था। इस पर कलेक्टर तोमर ने महिलाओं का आवेदन लेकर मौके से ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारी से फोन पर चर्चा कर मामले की जानकारी ली थी। कलेक्टर ने महिलाओं को जल्द ही निर्माण शुरू कराने का भरोसा दिलाया था। शिकायत के 13 दिन बाद ही रोड का निर्माण शुरू हो गया। ठेकेदार ने दिखावे के लिए दो दिन खुदाई कर रोड़ को लेवल किया और काम बंद कर दिया। वहीं शनिवार शाम को बायपास पर लगी सीमेंट कांक्रीट मिक्स करने की मशीन ले जाने के लिए केवायबी के इंजीनियर राजाराम निहाले यहां पहुंचकर मशीन खुलवाने लगे। ठेकेदार बायपास पर लगी सीमेंट कांक्रीट मिक्स करने की मशीन ले जा रहा है और काम छोड़कर फिर से भाग रहा है, इसकी जानकारी मिलते ही महिला और पुरुष बायपास पर लगे प्लांट पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। महिलाओं और पुरुषों ने मौके पर खड़े इंजीनियर राजाराम निहाले, सहायक ठेकेदार गोलू राठौड़ से हंगामा करते हुए कहा कि जब रोड का काम करना ही नहीं था तो ठेका ही क्यों लिया। पहले भी रोड खोदकर ओटले तोड़कर काम बंद कर दिया था। अभी भी फिर से रोड खोदकर हमें बेफकूफ बनाकर अपनी मशीन यहां से ले जाना चाहते हो। गुस्साए लोगों का कहना था कि रोड का काम पूरा करो तब ही ये मशीन यहां से ले जाने देंगे।
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कई शिकायतों और विरोध-प्रदर्शन के बाद भी नहीं बना रोड
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नगर का मुख्य मार्ग सालों से जर्जर अवस्था में है। दिसंबर 2017 में शासन से मिली स्वीकृति के बाद लोक निर्माण विभाग ने टेंडर प्रक्रिया कर जुलाई में आरआर कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार राकेश राठौड़ को इसके निर्माण का जिम्मा सौंपा था। लेकिन ठेकेदार ने वर्क आर्डर मिलने के बाद भी समय पर काम शुरू नहीं किया। सीएम हेल्प लाइन में हुई शिकायत के बाद 55 दिन देरी से काम शुरू किया। इसके बाद भी कछुआ चाल से कुछ दिन काम कर स्टेट हाइवे बायपास से लेकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र तक एक तरफ का रोड खोद कर घरों के ओटले तोड़ दिए। इसके बाद ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। रोड निर्माण पूरा करने की समय सीमा भी खत्म हो गई है। 25 नवंबर तक ठेकेदार को पूरा 800 मीटर रोड बनाकर देना था। लेकिन ठेकेदार ने एक मीटर भी रोड नहीं बनाया है। रोड की खुदाई कर रोड को पहले से भी बदतर कर दिया है। साथ ही ओटले टूटने से घर पर चढ़ने- उतरने में लोगों को रोज परेशानी होती है। कई बार बच्चे गिर भी चुके हैं। मुख्य मार्ग से रोजाना 50 से अधिक बसें निकलती है। जिससे धूल के गुबार उड़ते हैं। इससे से लोगों का स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी व ठेकेदार की लापरवाही से रोज इस परेशानी से जूझ रहे हैं। शासन से इसकी स्वीकृति मिले एक साल हो चुका है। लेकिन इसका निर्माण अब भी अधूरा पड़ा है। कई बार विरोध-प्रदर्शन के बाद भी काम ठप पड़ा है।
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107.18 लाख रुपए की लागत से बनना है सीसी रोड
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उल्लेखनीय है कि 107.18 लाख रुपए की लागत से मुख्य मार्ग के 800 मीटर हिस्से में 10 मीटर चौड़े सीसी रोड का निर्माण होना है। 25 जुलाई को आरआर कंट्रक्शन देवास को टेंडर प्रक्रिया के तहत ठेका होने के बाद विभाग द्वारा वर्क ऑर्डर दिए गए थे। इसके बाद भी ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया था। जिस पर 8 सितंबर को नगरवासी राम पांडे द्वारा सीएम हेल्प लाइन में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। शिकायत के 10 दिन बाद 18 सितंबर से ठेकेदार ने रोड की खुदाई प्रारंभ की। इसके बाद भी कछुआ चाल से रोड की खुदाई करते हुए कुछ घरों के अतिक्रमण में आ रहे ओटले तोड़कर काम बंद कर दिया। ग़ौरतलब है कि 1200 मीटर लंबे मुख्य मार्ग में 800 मीटर के हिस्से के निर्माण के लिए दिसंबर 2017 में शासन द्वारा एक करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई थी। इसके सात माह बाद विभाग द्वारा जुलाई में टेंडर प्रक्रिया कर आरआर कंट्रक्शन को रोड का ठेका दिया गया था।
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मैं बनाऊंगा रोड
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रोड का काम मैं पूरा करूंगा। मेरा राजपुर में बड़ा प्लांट लगा है। वहां से कांक्रीट मिक्स करके भिजवाऊंगा। यह प्लांट मेरा नहीं है, फाइनेंस का है। इसे कंपनी वाले उठाकर ले जाने के लिए यहां आए थे।
राकेश राठौड़, ठेकेदार
आरआर कंस्ट्रक्शन
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ठेकेदार पर होगी कार्रवाई
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ठेकेदार डिफाल्टर की लिस्ट में है। मशीन ले जाने को लेकर ठेकेदार ने विभाग को पहले अवगत नहीं कराया। नगर के लोग पहले ही परेशान है। सोमवार को ठेकेदार को विभाग में बुलाकर बात करेंगे। ठेकेदार जल्दी काम नहीं करेगा तो उस पर विभागीय कार्रवाई करेंगे।
विपिन कोचर
एसडीओ, पीडब्ल्यूडी, बड़वानी

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