*झाबुआ~ धनबल वर्सेस जनबल *~~
खाली कुर्सिया सुनती रही थी भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का उद्बोधन-निर्दलीय खडे उम्मीदवार शांतिलाल ने जुटाई बडी भीड़~~
प्रभारियो से लेकर बुथ प्रभारी भी नदारत काफी देरी के बाद पहुचे कार्यकत्र्ता ~~
झाबुआ। संजय जैन~~
झाबुआ~ विधानसभा चुनवो में जहां एक ओर नेताओ की आम सभायें लगातार हो रही है। वही दुसरी ओर उन्हे सुनने वालो की कही ना कही कमी दिखाई दे रही है। ऐसा ही कुछ नजारा सोमवार को स्थानीय पैलेस गार्डन सुबह साढे 10 बजे भाजपा के राष्ट्रीय का प्रदेश भर की 230 विधानसभाओं में बुथ प्रभारियों एवं पदाधिकारियों को बुथ संबंधित सीधा प्रसारण किया गया। जिसमें प्रत्येक बुथ प्रभारियों को सम्मिलित होना था। ताकि बुथ संबंधित दिशा निर्देशो के अलावा विभिन्न जानकारियों भी मिल सके। जिसके चलते प्रदेश भर में इस प्रसारण को देखने के लिए प्रत्येक विधानसभा में व्यवस्था भी की गई। लेकिन झाबुआ विधानसभा में जहां इस कार्यक्रम को देखने की व्यवस्था की गई थी। वहां पार्टी के पदाधिकारी तो क्या बुथ प्रभारी भी समय पर मौजुद नही हो पाये........। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के संबोधन में खाली कुर्सियो ने ही उन्हे सुना। जहां पार्टी के पदाधिकारी भी नदारत दिखाई दिये।
-पुरा पांडाल खाली
झाबुआ विधान सभा में 354 बुथ है। ऐसे में इन 354 बुथों से 354 बुथ प्रभारियों को इस प्रसारण को देखने के लिए उपस्थित होना था। मगर यहा कुछ पदाधिकारी ओर बुथ प्रभारी ही मौजुद थे ओर पुरा पांडाल खाली पडा था। कार्यक्रम में न तो भाजपा जिलाध्यक्ष यहां समय पर उपस्थित हो पाये ओर ना ही भाजपा प्रत्याशी। सिर्फ भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का उद्बोधन कुछ एक कार्यकर्ताओ ओर खाली पडी कुसियां सुन रही थी। वही पदाधिकारियो की माने तो उनके द्वारा यही कहा गया कि स्थानीय कार्यकत्र्ताओ एवं पदाधिकारियों का दल तो समय पर पहुच गया था। कुछ ग्रामीण ही दुर-दुर से आये उन्हे आने में कुछ देरी जरूर हो गयी थी। अब यह तो अब ये तो तस्वीरे ही बयां कर रही है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का उद्बोधन चल रहा है ओर कुर्सियां खाली पडी रही।
-भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के घर मे ही सेंधमारी
इसके चलते भाजपा के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप मे खडे शांतिलाल बिलवाल ने एक दिन पूर्व ही रविवार को अपने कार्यलय पर कार्यकत्र्ताओ की बैठक का आयोजन किया। जिसमें भाजपा समर्थकों के 270 से अधिक बुथो के सक्रिय कार्यकर्ता जिनकी संख्या करीब 800 से 900 के आसपास थी तुलनात्मक रूप से देखा जावे तो भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के घर मे ही सेंधमारी करके अपनी आस्था स्थानीय रहवासी एवं युवाओं की टीम के नेतृत्वकर्ता शांतिलाल बिलवाल के समर्थन मे खुलेआम आकर उनको निर्भिक होकर निर्दलीय रूप से चुनाव मे डटे रहने का आव्हान किया । बिलवाल के समर्थन में झाबुआ क्षेत्र के दमदार नेतागण खुलेआम दिखाई दिये ।
-धनबल वर्सेस जनबल
दूसरी और देखा जावे तो सोमवार को प्रात: 10 बजे से पैलेस गार्डन मे धनबल के आधार पर भाजपा द्वारा जो विधानसभा स्तरीय बुथ स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमे भाजपा के प्रभावशाली एवं दंबंग नेताओं का पूरी तरह अकाल ही दिखाई दिया । प्रात: 10 बजे अमीत शाह के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण एक दर्जन से भी कम लोगों ने ही देखा वही पूरा कार्यक्रम खाली कुर्सियों के अलावा किसी ने भी कार्यक्रम को नही देखा और इसी उहापोह मे अमीत शाह का संबोधन भी एलईडी स्क्रीन पर पूरा हो गया । जब अमीत शाह का उदबोधन चल रहा था तब भाजपा के जिला अध्यक्ष, सहित प्रत्याशी और नेतागण भाजपा कार्यालय मे ही दिखाई दिये । कुल मिला कर देखा जावे तो धनबल वर्सेस जनबल भाजपा के ही बागी एवं अधिकृत प्रत्याशी के रूप में नजर आया । जाहिर है कि भाजपा में डेमेज कंट्रोल करने में आला नेतागण या तो गंभीर नही है या फिर वे भी अन्दरूनी तौर पर चाहते है कि धनबल को यहां मौका नही मिले और जनभावनाओं के साथ जो खेल खेला गया है वह सफल नही हो पावे । हालांकी सतही तौर पर भाजपा के अधीकृत प्रत्याशी के साथ भाजपा संगठन के जो लोग मजबुरी मे दिखाई दिये, आन्तरिक रूप से एवं भावनात्मक रूप से वे निर्दलीय खडे हुए शांतिलाल बिलवाल के पक्ष में ही है । संगठन के अनुशासन के चलते चाहे दिखावटी रूप से ये लोग पार्टी के प्रत्याशी के साथ दिख रहे हो, मंच पर बिराजित हो रहे हो, कार्यक्रम में भाषण भी दे रहे हो किन्तु अन्दर की वास्तविकता इससे पूरी तरह उलट है।
-कहीं जमानत जप्त होने वाली स्थितियां तो निर्मित नही कर रही है ...?
ऐसे में भाजपा में पडी फुट भाजपा को 28 नवम्बर को होने वाले मतदान में क्या गुल खिलाने वाली है.....? इसका आभास इन दोनों कार्यक्रमों की तुलना से ही हो जाता है कि स्थिति कहीं जमानत जप्त होने वाली स्थितियां तो निर्मित नही कर रही है ....?
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