धार~नाबालिग से बलात्कार करने वाले को 20 साल की सजा~~

धार ( डॉ. अशोक शास्त्री ) 

विशेष न्यायायल धार ने एक निर्णय पारित करते हुए नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोप में आरापी राहुल पिता सुरूपसिंह को धारा 363 में 5 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रूपए अर्थदण्ड, व्यतिक्रम में व्यमिक्रम में 1 वर्श का अतिरिक्तज सश्रम कारावास से दण्डित किया गया। इसी के साथ धारा 366 में 7 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रुपए अर्थदंड, मव्येतिक्रम में 1 वर्श का अतिरिक्त सश्रम कारावास, धारा5 (एल)/6 पॉक्सो अधिनियम 2012 में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रुपए का अर्थदंड व व्यामिक्रम में 2-2 वर्ष का अतिरिक्तय सश्रम कारावास से दण्डित किया गया।
एडीपीओ श्रीमती अर्चना डांगी ने बताया कि पीड़िता के पिता ने तिरला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी को 17 अक्टूबर 2021 को सुबह 11 बजे स्कूल के पास श्रीराम मंदिर के सामने तिरला छोड़कर आया था। शाम को उसकी लडकी घर नही आयी तो उसने व उसकी पत्नी ने आसपास व रिश्तेदारी में तलाश की लेकिन कोई पता नही चला । उसकी लड़की को कोई अज्ञात बदमाश बहला फुसलाकर भगाकर ले गया है। उसे शंका है कि उसकी लडकी को राहुल ले गया है। इस पर पुलिस ने 9 नवंबर 2021 का पीड़िता को दस्तयाब किया। इस दौरान पीड़िता ने बताया कि आरोपी शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर ले गया व कई बार बलात्कार किया। पुलिस ने अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्याधीश ने अभियोजन के तर्कों एवं साक्षियों के साक्ष्य से सहमत होकर आरोपी को दंडित किया।
निर्णय में किया विशेष लेख
विशेष न्यायालय ने अपने निर्णय में लेख किया है कि अभियुक्त के द्वारा अवयस्क 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका के साथ घिनौना कृत्य किया है। समाज में बच्चियों एवं महिलाओं के साथ इस प्रकार के अपराध में काफी बढ़ोतरी हो चुकी है और इस प्रकार के अपराध समाज की नैतिकता को प्रभावित करते है। आरोपी के कृत्य को दृष्टिगत रखते हुए दंड के संबंध में आरोपी के प्रति उदारता बरती जाना न्योयोचित नहीं है। प्रकरण में शासन की और से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्रीमती आरती अग्रवाल ने की।
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