धार~मतदाता सूची लेकर कर रहे हैं चिह्नित, सूचनाएं देकर बुला रहे हैं केन्द्रों पर~~
लाड़ली बहना योजना में जनपदों में पंजीयन रफ्तार तेज, निकायों में सुस्ती~~
5 लाख करीब महिलाएं लक्षित, जॉबकार्डधारी मजदूर महिलाओं की संख्या ही 3 लाख करीब~~
भोपाल से मिले 3 लाख के टारगेट में 100 प्रतिशत के करीब, वास्तविक टारगेट में 60 प्रतिशत के फार्म हुए जमा~~
धार। गर्मी के मौसम का असर लाड़ली बहना योजना के पंजीयन में दिखाई दे रहा है। विशेषकर नगरीय क्षेत्रों में अब केन्द्रों पर पंजीयन के लिए कतारें नहीं लग रही है। हालत यह है कि मतदाता सूची लेकर नगरपालिका के कर्मचारी अब 23 से 60 वर्ष की महिलाओं को चिह्नित कर रहे हैं। इन्हें सूचना देकर केन्द्रों पर बुलाया जा रहा है। धार नगरपालिका सहित अन्य निकायों में मतदाता सूची लेकर महिला हितग्राहियों को चिह्नित करते कर्मचारी देखे जा सकते है। इधर योजना के भोपाल से आए 3 लाख महिलाओं के लक्ष्य को स्थानीय प्रशासन शत प्रतिशत हासिल करने की स्थिति में पहुंच गया है। हालांकि करीब 5 लाख महिलाओं का संभावित लक्ष्य स्थानीय स्तर पर आंका गया है। जिसमें 60 प्रतिशत काम हो पाया है। 30 अप्रैल की तिथि समाप्त होने में 16 दिन शेष है। 5 लाख महिलाओं को लाभ दिलाने के लिए रफ्तार तेज करना होगी।
े15 हजार की केव्हायसी, पंजीयन 8 हजार
नगरीय क्षेत्रों में लाड़ली बहना योजना के पंजीयन की रफ्तार सुस्त होने का मुख्य कारण ई केव्हायसी नहीं होना माना जा रहा था। जिसके बाद स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े लोगों के माध्यम से ईकेव्हायसी की रफ्तार बढ़ाई गई। जिसमें नगरपालिका धार में करीब 15 हजार महिलाओं की ई केव्हायसी की गई है। जहां ई केव्हायसी में नपा बेहतर स्थिति में आ गई है। वही इसके तुलना में 13 अप्रैल की स्थिति तक 8 हजार महिलाओं के फार्म आॅनलाईन हुए है। जिसके बाद अब इन्हें केन्द्रों तक लाने के लिए सूची आधारित चिह्नांकन किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि नगरीय क्षेत्र में करीब 31 हजार का संभावित लक्ष्य रखा गया है।
गांवों से ढ़ाई लाख का पंजीयन
जिले में सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों से 3 लाख 88 हजार के लगभग महिला हितग्राहियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके इतर 13 अप्रैल की स्थिति में करीब 2 लाख 47 हजार महिलाओं का पंजीयन लाड़ली बहना योजना के लिए कर दिया गया है। अभी भी 1 लाख 40 हजार के लगभग महिलाओं का पंजीयन होना शेष है। उल्लेखनीय है कि जिले में जॉबकार्डधारी महिला मजदूरों की संख्या ही 3 लाख के लगभग है। इसमें 21 से 60 वर्ष की महिलाएं शामिल है। 21 वर्ष की उम्र की महिला मजदूरों की संख्या ज्यादा नहीं है।
बदनावर पीछे, पीथमपुर आगे
जिले के नगर निकायों में धार और पीथमपुर में सबसे ज्यादा लक्ष्य निर्धारण है। पीथमपुर में करीब 37 हजार 685 और धार नगरपालिका में 31 हजार 684 का टारगेट रखा गया है। अभी तक शिविर आयोजन में पीथमपुर अव्वल और दूसरे नंबर पर धार नगरपालिका है। पीथमपुर में 237 शिविर लगे है। धार में 192 शिविर लगाए गए है। दोनों निकायों में लगभग 30 वार्ड है। पीथमपुर में 1 वार्ड ज्यादा है। पंजीयन की दृष्टि से दोनों निकायों में अभी 30 प्रतिशत पंजीयन ही हो पाया है। इधर तय लक्ष्य के तहत पंजीयन में बदनावर भी पीछे चल रहा है। यहां महज 4500 का लक्ष्य है और 2610 का पंजीयन किया गया है। नगर निकायों में कुल 1 लाख 16 हजार 756 महिला हितग्राहियों का लक्ष्य निर्धारण किया गया है। इसमें सिर्फ 40 हजार 152 का ही पंजीयन हो पाया है। जिले में निकायों का औसत प्रदर्शन 40 प्रतिशत भी नहीं हो पाया है।
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