धार~उर्दू अदब एवं मुशायरा के जनक तबस्सुम धारवी नहीं रहे~~
भोपाल धार (सैयद रिजवान अली)
धार जिला ही नहीं संपूर्ण मालवा क्षेत्र की उर्दू अदब कवि सम्मेलन मुशायरो के प्रसिद्ध शायर तबस्सुम धारवी का सोमवार को 86 वर्ष की उम्र में ह्रदय गति रुकने से निधन हो गया
स्वर्गीय तबस्सुम धारवी बचपन से ही काव्य गोष्ठी कवि सम्मेलन मुशायरा एवं उर्दू अदब के लिए पहचाने जाते थे देश के अनेक प्रदेशों में पहुंचकर उन्होंने बड़े बड़े कवि सम्मेलन मुशायरा में धार का नाम गौरवान्वित किया है एवं एवं उन्हीं की संस्था इरफान अदब बज़्मे नाज के बैनर तले धार में दर्जनों मुशायरे कवि सम्मेलन वा ऑल इंडिया मुशायरा करवाएं उनके जीवनकाल में उन्होंने आबरुए तबस्सुम पुस्तक लिखी जिसका नाम काव्य में दुनिया काफी प्रसिद्ध हुई है देश के बड़े शायर कवि जैसे अशोक चक्रधर बशीर बद्र सुरेंद्र शर्मा उर्फ मुरादाबाद हुल्लड़ मुरादाबादी शैलेंद्र चतुर्वेदी वसीम बरेलवी मुनव्वर राणा राहत इंदौरी शहीत बड़े शायरो से उनके बहुत ही घनिष्ठ संबंधित रहै अपना पूरा जीवन उन्होंने शेरो शायरी उर्दू अदब के लिए समर्पित किया धार और काव्य जगत में हमेशा इनकी कमी रहेगी धार के लिए व्यक्तिगत क्षति है उनके परिवार में दो बेटे हैं नासिर वा इरफान जिसमें से एक इरफान धारवी शायर हैं उनका कहना है कि पिता के अधूरे सपने को पूरा किया जाएगा उनके द्वारा लिखी जा रही दूसरे पुस्तक के अधूरे पन्नों को बहुत जल्दी पूरी कर उन्हें समर्पित की जाएगी शायर एव कवियों को भेट की जाएगी उन्हें धार के बड़े कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया जनाजे में बड़ी संख्या में काव्य प्रेमी समाज जन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे उक्त जानकारी संस्था इरफान अदब बज़्मे नाज के संयोजक लियाकत पटेल द्वारा दी गई

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