दसाई~~सुबह तक झूमते रहे श्रोता ~~

कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है ~~

काली कमली वाला मेरा यार है जैसे शो मधुर गीत मंगलवार की रात खाटू श्याम बाबा के दरबार में गूंजे ~~

जगदीश चौधरी (खिलेडी)9617174241~~

दसाई~~सुबह तक झूमते रहे श्रोता दसाई कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है ,हाथमें सोटो लाल लंगोटो ,काली कमली वाला मेरा यार है जैसे शो मधुर गीत मंगलवार की रात खाटू श्याम बाबा के दरबार में गूंजे ।


आधी रात के बाद भी हजारों भक्त टस से मस नहीं हुए और लगभग हर कीर्तन पर ताली और नाच देखने को मिला। दूर-दराज से आए श्रद्धालु ने भी खूब आनंद लिया।ब्रह्म मुहूर्त में बाबा के दरबार से लोगों ने विदाई ली । आयोजन की सफलता और जन आशीर्वाद से गदगद श्याम परिवार ने भरपूर उपस्थिति के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया है।

क्षेत्र में पहली बार आयोजित हुई खाटू श्याम की भजन संध्या में शुरू से ही समा बंधा नजर आया। मुख्य गायकों के आने से पहले अमित पारिख और कपिल सोनी ने भजन संध्या की नींव रखी।शुरू से ही श्रोता आनंद से सराबोर हो गए।मुख्य गायकों के आने के पूर्व ऐसा माहौल बन गया कि कब बाबा के दरबार में उनके चहेतों की हाजिरी हो गई पता ही नहीं चला। जयपुर से पधारे मुकेश बागड़ा ने पहले ही गीत से श्रोताओं को ऐसा झुम आया कि लोग अंत तक आनंद रस में डूबे रहे। बागड़ा की हनुमान स्तुति से चला आयोजन जब खाटू श्याम की मधुर स्मृतियों में डूबा तो ऐसा लगा मानव बाबा की महफिल दसाई में ही सजी हो 


जब से थामा है सांवरिया ने मेरा हाथ ,भर दे रे श्याम झोली भर दे रे  जैसे कीर्तन नें मानो श्रोताओं को मदमस्त कर दिया । दूसरी गायिका श्रीमती कैमिता राठौर ने जैसे ही बाबा के दरबार में हाजरी दी तो विशेषकर मातृशक्ति भाव विभोर हो गई। बड़ी संख्या में भजनों पर महिलाएं उनके भजनों पर झूम उठी । श्रीमती राठौर ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा और बांस की बांसुरिया पर श्याम घणो इतरावे सुनाया तो मानो महफिल  झूम उठी । थारी मोर घड़ी आगे ,सांवरे की महफ़िल को सांवरा ही स जाता है सुनकर लोग मानव खाटू श्याम के दीवाने हो गए  । इसके अलावा  अन्य भजनों में भी खाटू श्याम का जादू नजर आया।


आयोजन रात 3:00 बजे तक चला। दसाई का यह ऐतिहासिक आयोजन रहा जिसमें अंतिम गीत तक लोग डटे रहे।

आयोजन की सफलता से श्याम परिवार ने लोगों का आभार व्यक्त किया।


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